बैंक खाते किराये पर लेकर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम छिपाने का आरोप; अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार
दंतेवाड़ा, 30 सितंबर 2026। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा पुलिस ने ₹61,06,592 के ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के मामले में राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी दिनेश (31 वर्ष), निवासी ग्राम श्री कृष्ण नगर, चौकी लक्ष्मण नगर, थाना भोजासर, जिला फलोदी, राजस्थान को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, हारमपारा गीदम निवासी भूपेंद्र तेलामी की रिपोर्ट पर थाना गीदम में अपराध क्रमांक 27/2025 के तहत धारा 318(4), 111(1)(3) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। शिकायत में कुल ₹61,06,592 की ऑनलाइन साइबर ठगी का उल्लेख किया गया था।
फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से खुला नेटवर्क
विवेचना के दौरान पुलिस ने फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से साइबर फ्रॉड में शामिल आरोपियों की पहचान की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और आरोपी दिनेश को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमाण्ड पर दंतेवाड़ा लाया गया। 30 सितंबर 2026 को उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल दंतेवाड़ा भेज दिया गया।
किराये के बैंक खातों से लेन-देन, क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का आरोप
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर बैंक खातों को किराये पर लेकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेन-देन करते थे। इसके बाद रकम को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर धनराशि के वास्तविक स्रोत और अपराध से जुड़े साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है।
अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार
दंतेवाड़ा पुलिस के मुताबिक, इस मामले में साइबर फ्रॉड से जुड़े कुल 19 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार कर जिला जेल दंतेवाड़ा भेजा जा चुका है। पुलिस की ओर से मामले की विवेचना आगे भी जारी है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी और प्रकरण की विवेचना में निरीक्षक अशोक शर्मा, उप निरीक्षक रूपेश नारंग एवं आरक्षक मिथिलेश पुजारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार खूटे के मार्गदर्शन तथा साइबर सेल प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह, एसडीओपी दंतेवाड़ा श्रीमती आकांक्षा सिंह ठाकुर के पर्यवेक्षण और निरीक्षक शशांक पौराणिक के नेतृत्व में की गई।
