दंतेवाड़ा के हितामेटा गांव में दर्दनाक हादसा, एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में जुटी
दंतेवाड़ा। जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के हितामेटा गांव में जंगली सूअर के शिकार के लिए कथित तौर पर बिछाए गए अवैध जीआई तार ने एक मासूम जिंदगी छीन ली। करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से 15 वर्षीय बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के दौरान एक अन्य युवक भी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि जंगली सूअर के शिकार के उद्देश्य से क्षेत्र में जीआई तार बिछाकर उसमें विद्युत प्रवाह जोड़ा गया था। इसी दौरान 15 वर्षीय बालक इसकी चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना तेज था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही बारसूर थाना पुलिस और विद्युत विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। घायल को तत्काल जिला अस्पताल दंतेवाड़ा भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
शिकार के लिए बिछाया तार बना मौत का जाल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह जीआई तार जंगली सूअर के शिकार के लिए लगाया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि तार किसने बिछाया था और इसे विद्युत प्रवाह से किस तरह जोड़ा गया था।
वन और ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों के शिकार के लिए करंट का इस्तेमाल बेहद खतरनाक होता है। शिकार के लिए लगाया गया यह अवैध तार सिर्फ वन्यजीवों के लिए ही खतरा नहीं बनता, बल्कि राह चलते ग्रामीणों, बच्चों और मवेशियों की जान भी जोखिम में डाल देता है। हितामेटा की घटना ने इसी गंभीर खतरे को उजागर कर दिया है।
पुलिस और विद्युत विभाग की संयुक्त जांच
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जरूरी जानकारी और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। विद्युत विभाग की टीम भी तार में विद्युत प्रवाह और घटना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि अवैध तार लगाने के पीछे कौन लोग शामिल थे। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हितामेटा में 15 वर्षीय बालक की मौत ने ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों के अवैध शिकार के लिए अपनाए जा रहे करंट वाले खतरनाक तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ ऐसे घातक तारों से आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए बड़ी चुनौती है।
