57 एक्टिव केस, 44 मरीज अस्पताल में भर्ती—कोरोना के 4 नए मामलों से भी बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की चिंता
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में 47 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 205 हो गई है। तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
57 मरीज एक्टिव, 44 अस्पताल में भर्ती
स्वाइन फ्लू के कुल मामलों में फिलहाल 57 मरीज एक्टिव हैं। इनमें 13 मरीज होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे हैं, जबकि 44 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
20 दिनों में कोरोना के भी 4 नए मामले
स्वाइन फ्लू के साथ-साथ कोरोना संक्रमण पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी हुई है। पिछले 20 दिनों में कोरोना के 4 नए मामले सामने आए हैं। संख्या भले ही कम हो, लेकिन दोनों संक्रमणों के सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
सभी जिला अस्पताल अलर्ट मोड पर
बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच व्यवस्था और उपचार की तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। अस्पतालों में दवाइयों, जांच किट और अन्य जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले—व्यवस्थाएं पर्याप्त
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वाइन फ्लू और कोरोना जैसे वायरल संक्रमणों को लेकर सरकार लगातार निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में स्वास्थ्य अमला सतर्क है। मंत्री के मुताबिक, जांच के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध हैं और दवाइयों समेत जरूरी चिकित्सा सामग्री का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने और जांच कराने को कहा गया है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की नजर बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों पर टिकी है। संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए लोगों की सतर्कता और समय पर जांच ही बचाव का सबसे अहम कदम माना जा रहा है।
