धुआं और जलने की बदबू के बाद भी बस नहीं रोकने का आरोप, खिड़की तोड़कर यात्रियों ने बचाई जान; राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में हुआ दर्दनाक अग्निकांड
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक चलती स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने 9 यात्रियों की जान ले ली। दिल्ली से महोबा जा रही बस दयानतपुर गांव के पास आग की चपेट में आई। कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर और दूसरे यात्रियों की मदद से किसी तरह अपनी जान बचाई। हादसे के बाद बस के चालक और कंडक्टर को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
आग से पहले बस में आने लगी थी जलने की बदबू
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, बस में सवार सुनील कुमार ने बताया कि आग लगने से कुछ समय पहले यात्रियों को बस के अंदर धुआं और जलने जैसी बदबू महसूस हुई थी। यात्रियों ने चालक और कंडक्टर को इसकी जानकारी देकर बस रोकने की मांग की थी।
सुनील का आरोप है कि यात्रियों की सूचना के बावजूद बस तत्काल नहीं रोकी गई। शिकायत में चालक के धूम्रपान करने और यात्रियों की चिंता को गंभीरता से नहीं लेने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
अचानक भड़की आग, देखते ही देखते धुएं से भर गई बस
यात्रियों के मुताबिक, कुछ ही देर बाद बस में धुआं तेजी से भरने लगा और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। इसके बाद बस में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
सुनील के अनुसार, उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से बस की खिड़की का शीशा तोड़ने की कोशिश की, ताकि अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला जा सके। कई अन्य यात्री भी बचाव में जुट गए, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि अंदर जाना बेहद मुश्किल हो गया।
कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि 9 यात्री अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई।
ड्राइवर-कंडक्टर पर यात्रियों ने लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद चालक और कंडक्टर की भूमिका भी जांच के घेरे में है। पुलिस शिकायत के अनुसार, यात्रियों ने समय रहते बस रोकने के लिए कहा था, लेकिन बस नहीं रोकी गई।
हादसे के बाद चालक और कंडक्टर के मौके से चले जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, दोनों की भूमिका और यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कौन सी बस थी? सामने आया मालिक और ट्रैवल्स का नाम
हादसे का शिकार हुई बस का रजिस्ट्रेशन नंबर BR32 PA8647 बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की थी और दिल्ली से महोबा जा रही थी। रिपोर्टों में बस के संचालक/मालिक का संबंध मध्य प्रदेश के छतरपुर से बताया गया है।
बस में यात्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 35 से 40 यात्रियों का उल्लेख है। आधिकारिक जांच में वास्तविक संख्या और अन्य विवरण स्पष्ट होंगे।
आग की वजह को लेकर जांच जारी
शुरुआती पुलिस जानकारी के मुताबिक आग बस के एसी सिस्टम से निकली चिंगारी/ब्लास्ट के बाद इंजन ऑयल तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि आग लगने की अंतिम वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना के बाद पुलिस ने बस की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा इंतजाम, चालक-कंडक्टर की भूमिका और यात्रियों के आरोपों समेत कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है।
सबसे बड़ा सवाल—क्या समय रहते बस रुक जाती तो बच सकती थीं जानें?
इस हादसे ने स्लीपर बसों में यात्री सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का दावा है कि आग से पहले ही बस में धुआं और जलने की बदबू महसूस हो गई थी। अब जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि उस समय चालक ने क्या कदम उठाए और बस को कब रोका गया।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे में किसकी क्या भूमिका रही और 9 यात्रियों की मौत के लिए जिम्मेदारी किन परिस्थितियों में तय होती है।
