अरनपुर के बाद समलूर में अंधविश्वास के शक में दूसरी हत्या; घर में घुसकर वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, एक सप्ताह में दो घटनाओं से दहला दंतेवाड़ा
दंतेवाड़ा। बस्तर में अंधविश्वास और जादू-टोने का शक एक बार फिर खूनी वारदात में बदल गया। दंतेवाड़ा जिले में महज एक सप्ताह के भीतर ऐसे संदेह में हत्या की दूसरी घटना सामने आई है। अरनपुर के बाद अब गीदम थाना क्षेत्र के समलूर गांव में घर में सो रहे एक बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में गांव के ही तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।
खाना खाने के बाद सोए थे बुजुर्ग, रात में घर में घुसे हमलावर
जानकारी के अनुसार, घटना 9 सितंबर की रात की बताई जा रही है। समलूर निवासी बुजुर्ग रोज की तरह गाय चराकर घर लौटे थे। खाना खाने के बाद वह घर में सो गए। इसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
आरोप है कि युवकों को बुजुर्ग पर जादू-टोना करने का शक था। इसी अंधविश्वास के चलते उन्होंने लाठी-डंडों से बुजुर्ग पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की बाद में मौत हो गई।
चीख-पुकार सुनकर जागी पत्नी, बेटे ने भी लगाई आवाज
मृतक की पत्नी कोसी सोढ़ी के अनुसार, उनके पति खाना खाने के बाद सो गए थे। रात में अचानक किसी के आने और मारपीट करने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह जागीं तो उनका बेटा भी चिल्लाते हुए कहने लगा कि पिताजी को कोई मार रहा है।
परिजनों के मुताबिक, हमलावर बुजुर्ग को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटने के बाद वहां से फरार हो गए।
अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान पुलिस को मिली सूचना
घटना के बाद परिवार की ओर से तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग की मौत के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान गीदम पुलिस को समलूर गांव में एक बुजुर्ग की हत्या की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने संदेह के आधार पर गांव के ही तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में जादू-टोने के शक की बात सामने आने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अरनपुर के बाद एक सप्ताह में दूसरी वारदात
एएसपी जितेंद्र खूंटे ने बताया कि कुछ दिन पहले दंतेवाड़ा के अरनपुर क्षेत्र में भी जादू-टोने के शक में हत्या का मामला सामने आया था। उस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
अब समलूर में सामने आई दूसरी घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के नाम पर होने वाली हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अंधविश्वास के नाम पर हिंसा पर लगाम जरूरी
महज शक और अफवाह के आधार पर किसी व्यक्ति को जादू-टोना करने वाला बताकर उसकी हत्या कर देना समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता, कानून की जानकारी और अंधविश्वास के खिलाफ प्रभावी अभियान की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
किसी भी संदेह का समाधान कानून के माध्यम से होना चाहिए, हिंसा के जरिए नहीं।
