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बिलासपुर:- चंदा नहीं दिया तो व्यापारी की कर दी पिटाई, व्यापारियों का बाजार बंद, कहा अब दबाव में नहीं देंगे चंदा।


23 सितंबर को सुबह से दोपहर तक बंद रहेंगे प्रतिष्ठान; मारपीट और दबाव के आरोपों से व्यापारियों में आक्रोश, कैट और चेंबर ने खोला मोर्चा

बिलासपुर। शहर में कथित जबरिया चंदा वसूली को लेकर व्यापारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। चंदा वसूली के नाम पर दबाव, धमकी और मारपीट के आरोपों के विरोध में व्यापारिक संगठनों ने 23 सितंबर को सुबह से दोपहर तक बाजार बंद रखने का ऐलान किया है। व्यापारियों ने साफ संदेश दिया है कि सामाजिक, धार्मिक या अन्य आयोजनों के लिए सहयोग करना अपनी जगह है, लेकिन दबाव बनाकर चंदा वसूलना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बिलासपुर प्रेस क्लब में शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कैट के राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा और छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नवदीप सिंह अरोरा ने बाजार बंद की घोषणा की।

चंदे के नाम पर दबाव और मारपीट के आरोप

व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर में चंदा वसूली के नाम पर व्यापारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। दुकानों पर पहुंचकर उनकी इच्छा के विरुद्ध चंदा मांगे जाने और विरोध करने पर विवाद तथा मारपीट की स्थिति बनने का भी आरोप लगाया गया।

व्यापारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण कई कारोबारी परेशान हैं और कुछ मामलों में चंदा वसूली करने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत और एफआईआर तक दर्ज करानी पड़ी है।

‘चंदा देंगे, लेकिन अपनी इच्छा से’

व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि किसी सामाजिक, धार्मिक या जनहित के आयोजन में स्वेच्छा से सहयोग करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध केवल उस व्यवस्था से है, जिसमें दुकान-दुकान पहुंचकर कथित तौर पर दबाव बनाकर रकम वसूली जाती है।

व्यापारियों का कहना है कि चंदा उनकी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार होना चाहिए, धमकी या दबाव के आधार पर नहीं।

23 सितंबर को दिखेगी व्यापारियों की एकजुटता

जबरिया चंदा वसूली के विरोध में 23 सितंबर को प्रस्तावित बाजार बंद को व्यापारिक संगठनों ने अपनी सामूहिक आवाज के रूप में बताया है। कैट और चेंबर की स्थानीय इकाई ने इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष भी उठाने की बात कही है, ताकि चंदा वसूली के नाम पर कथित दबाव और विवाद की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

व्यापारियों ने दो टूक कहा है कि सहयोग स्वेच्छा से होगा, दबाव में नहीं। 23 सितंबर का बाजार बंद इसी संदेश के साथ व्यापारियों की एकजुटता का प्रदर्शन होगा।

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