दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नंदिनी क्षेत्र के बागडुमर गांव स्थित मदर टेरेसा स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली महज 3.5 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना किए जाने का आरोप स्कूल की प्रिंसिपल पर लगा है। आरोप है कि बच्ची ने प्रिंसिपल को ‘गुड मॉर्निंग’ की जगह ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया, जिससे नाराज होकर उसके साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया।
मामले में बच्ची के पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद उसी दिन आरोपी प्रिंसिपल को जमानत मिल गई। अब इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से जवाब तलब किया है।
स्कूल से लौटी तो सहमी हुई थी मासूम
बच्ची के पिता प्रवीण यादव के मुताबिक, 30 जुलाई को उनकी बेटी स्कूल से घर लौटी तो बेहद डरी-सहमी हुई थी। वह बार-बार अपने होंठों पर उंगली रख रही थी। परिजनों द्वारा पूछने पर बच्ची ने कथित तौर पर बताया कि उसने स्कूल की प्रिंसिपल इला इवान कॉल्विन को ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया था।
आरोप है कि इस पर प्रिंसिपल नाराज हो गईं और बच्ची की हथेली पर छड़ी से मारा। इतना ही नहीं, बच्ची के मुंह पर करीब 15 मिनट तक टेप लगाए रखने का भी आरोप लगाया गया है।
पिता ने सरपंच के साथ पहुंचकर दर्ज कराई FIR
घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्ची के पिता गांव की सरपंच दामिनी साहू के साथ पुलिस थाने पहुंचे और प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
परिजनों का कहना है कि जमानत के अगले ही दिन प्रिंसिपल के स्कूल पहुंचने के बाद वे अपनी बच्ची को दोबारा वहां भेजने से डर रहे हैं। पिता के अनुसार, वे BPL वर्ग से आते हैं और अब बेटी की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। साथ ही दूसरे स्कूल में दाखिले को लेकर भी उन्हें परेशानी की आशंका है।
NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान, DM-SP को नोटिस
मामले को लेकर पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की शिकायत के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने मामले को बाल अधिकारों और शिक्षा के अधिकार से जुड़े प्रावधानों की दृष्टि से गंभीर माना है।
NHRC ने दुर्ग के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर Action Taken Report (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है।
बच्ची को नए स्कूल में दाखिले और काउंसलिंग के निर्देश
आयोग ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि बच्ची को उसके माता-पिता की पसंद के नए स्कूल में RTE के तहत प्रवेश दिलाया जाए। इसके साथ ही बच्ची को आवश्यक मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सवाल सिर्फ ‘राधे-राधे’ का नहीं, मासूम के अधिकारों का है
महज साढ़े तीन साल की उम्र में स्कूल जाने वाली बच्ची के साथ कथित तौर पर हुई इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मासूम के अभिवादन के तरीके को लेकर यदि उसके साथ मारपीट और मुंह पर टेप लगाने जैसी कथित कार्रवाई हुई है, तो यह मामला केवल एक बच्ची तक सीमित नहीं रह जाता—बल्कि स्कूलों में बच्चों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा की जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
फिलहाल NHRC के संज्ञान के बाद इस मामले में प्रशासन की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
