12 नवंबर से अनिश्चितकालीन ‘स्टीयरिंग छोड़ अभियान’, 15 सूत्री मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस चालकों से जुड़े संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। रायपुर के रेड क्रॉस रोड स्थित एक परिसर में रविवार को ऑल इंडिया ड्राइवर एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन से जुड़े विभिन्न संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चालकों की सुरक्षा, अधिकारों और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन ‘स्टीयरिंग छोड़ अभियान’ शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि मांगों के निराकरण को लेकर संबंधित स्तर पर ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन किया जाएगा।
15 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
ड्राइवर संगठनों की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय ड्राइवर सुरक्षा कानून लागू करने, ड्राइवर आयोग के गठन, न्यूनतम वेतन निर्धारित करने, स्वास्थ्य कार्ड की सुविधा देने और 55 वर्ष की आयु के बाद पेंशन की व्यवस्था करने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर चालकों के लिए पर्याप्त विश्राम गृह उपलब्ध कराने, नौकरी में जॉइनिंग लेटर के साथ पीएफ और ईएसआईसी की सुविधा देने की भी मांग रखी गई है।
निष्पक्ष जांच और अवैध वसूली पर रोक की मांग
बैठक में ड्राइविंग से जुड़े मामलों में चालकों के खिलाफ कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने चालकों की कार्य परिस्थितियों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक रोजगार से जुड़े अन्य मुद्दों को भी अपनी मांगों में शामिल किया है।
आंदोलन के लिए पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
बैठक में आंदोलन को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। गठित समिति में मुख्य संरक्षक प्रीतम सेन समेत अन्य पदाधिकारियों को दायित्व दिया गया है।
ड्राइवर संगठनों ने स्पष्ट किया है कि 12 नवंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन ‘स्टीयरिंग छोड़ अभियान’ उनकी 15 सूत्री मांगों को लेकर होगा। अब इस आंदोलन को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से क्या पहल की जाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
