दंतेवाड़ा प्रवास पर राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत, 16% आरक्षण समेत नर्सिंग ट्रेनिंग और स्थानीय सदस्यता का मुद्दा उठा
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त पूर्व विधायक रामलाल चौहान मंगलवार को दंतेवाड़ा प्रवास पर पहुंचे। उनके साथ पूर्व अनुसूचित जाति आयोग सदस्य पुनीत चौहान भी मौजूद रहे। दंतेवाड़ा पहुंचने पर धनसिंग नाग, पार्षद एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लता मरकाम, जिला मंत्री श्यामलाल सेठिया, पार्षद एवं जिला महामंत्री एससी मोर्चा बसंत खुरा, विजय सोनवानी, सुरेश नाग और शिवदास सहित कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और उन्हें सर्किट हाउस ले गए।
सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति समाज के विभिन्न समाजों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने फूल-मालाओं से आयोग अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। समाज के लोगों ने एक-एक कर अपना परिचय देते हुए अपनी समस्याएं और मांगें आयोग अध्यक्ष के समक्ष रखीं तथा संबंधित मांगों के पत्र भी सौंपे।
इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने आयोग अध्यक्ष रामलाल चौहान को मां दंतेश्वरी मंदिर ले जाकर माता के दर्शन कराए।
16 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुखता से उठी
बैठक के दौरान अनुसूचित जाति समाज के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति वर्ग के लिए पूर्व की भांति 16 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग प्रमुखता से रखी। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि माहरा समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल किए जाने के बाद बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति की जनसंख्या में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर आरक्षण प्रतिशत की समीक्षा की जानी चाहिए तथा आवश्यक वृद्धि की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
प्रतिनिधियों ने जातिगत भेदभाव, छुआछूत अथवा दुर्व्यवहार के मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई एवं निलंबन की मांग भी रखी।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग
समाज के पदाधिकारियों ने जाति जनगणना के आधार पर विधानसभा में अनुसूचित जाति वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का मुद्दा भी आयोग अध्यक्ष के समक्ष रखा गया।
प्रतिनिधियों ने नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, जनपद पंचायत, जिला पंचायत और विधानसभा जैसे चुनावों में अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या का सर्वे कराकर जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की।
अत्याचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई की मांग
बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अत्याचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा पीड़ितों को कानूनी मामलों में आवश्यक सहयोग एवं न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
NMDC की नर्सिंग ट्रेनिंग का लाभ अनुसूचित जाति की बेटियों को देने की मांग
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिस प्रकार अनुसूचित जनजाति वर्ग की बच्चियों को NMDC द्वारा नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद भेजे जाने का लाभ मिलता है, उसी प्रकार अनुसूचित जाति वर्ग की बच्चियों को भी नर्सिंग ट्रेनिंग का अवसर दिया जाना चाहिए।
पदाधिकारियों ने कहा कि बस्तर संभाग के दूरस्थ गांवों में अनुसूचित जाति वर्ग के अनेक परिवार निवास करते हैं और आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को ऐसे अवसरों की आवश्यकता है। इसलिए अनुसूचित जाति की बच्चियों को भी इस योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी गई।
BTOA सदस्यता में स्थानीय अनुसूचित जाति समाज को अवसर देने की मांग
बैठक में BTOA से जुड़ा मुद्दा भी उठाया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि जिस प्रकार अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को सदस्यता मिलती है, उसी प्रकार दंतेवाड़ा जिले के स्थानीय निवासी अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को भी निवास प्रमाण पत्र अथवा जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर सदस्यता दिए जाने का प्रावधान किया जाए।
प्रतिनिधियों ने कहा कि महार, माहरा और गांणा समाज के लोग दंतेवाड़ा जिले के गांव-गांव में निवास करते हैं। यदि उन्हें परिवहन कार्य और व्यापार से जुड़ने का अवसर मिलता है तो वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से जीवन-यापन कर सकेंगे।
आयोग अध्यक्ष ने दिया आश्वासन
समाज प्रमुखों की बातों को आयोग अध्यक्ष रामलाल चौहान ने ध्यानपूर्वक सुना। नर्सिंग ट्रेनिंग के संबंध में उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग की बच्चियों को भी इसका लाभ मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी तथा NMDC को आयोग की ओर से पत्र भेजने की बात कही।
BTOA सदस्यता के मुद्दे पर आयोग अध्यक्ष ने संबंधित बायलॉज देखने की बात कही। वहीं 16 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इसकी आवश्यकता महसूस हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों से इस विषय पर चर्चा करने की बात कही।
इन समाजों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में महार समाज से राजकुमार झाड़ी, शंकर जुमड़ी, पुरुषोत्तम झाड़ी, कुलदीप झाड़ी एवं शंकर झाड़ी; गांणा समाज से केके कोराम, तरुण कोरम, चुनू लाल प्रधान; सतनामी समाज से आरएल बंजारे, डीआर रात्रे, एसएन भारद्वाज एवं दीपक आदिल्य; तथा माहरा समाज से लच्छिन्दर नाग, अनिल नाग, मंधर बघेल एवं अमित नागेश सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
