43 संदिग्ध बाघ हड्डियां और 2 दांत बरामद, 6 संदिग्ध तस्कर हिरासत में; मां से चिपका मिला नवजात पैंगोलिन
रायपुर। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय बताए जा रहे वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन सेफ पैसेज 3.0’ के तहत गढ़चिरौली जिले के आलापल्ली क्षेत्र में छापेमारी के दौरान 43 संदिग्ध बाघ की हड्डियां और दो कैनाइन दांत बरामद किए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान वन्यजीव तस्करी में संलिप्तता के संदेह में छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि उनके मूवमेंट में इस्तेमाल की जा रही बताई गई तीन बाइक भी जब्त की गई हैं।
मां के सीने से चिपका मिला नवजात पैंगोलिन
ऑपरेशन के दौरान टीमों को एक बेहद संवेदनशील दृश्य भी देखने को मिला। एक नवजात पैंगोलिन अपनी मां से चिपका हुआ मिला। वन विभाग और संबंधित एजेंसियों की टीम ने दोनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से इसे कार्रवाई की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
चार राज्यों के जंगलों से जुड़ा तस्करी कॉरिडोर
यह कार्रवाई अहेरी–सिरोंचा–जिंगानूर–बीजापुर वन्यजीव तस्करी कॉरिडोर में की गई। यह क्षेत्र महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जंगलों से जुड़ा है, जिसके चलते एजेंसियां लंबे समय से यहां वन्यजीव अपराधों पर निगरानी रख रही हैं।
अभियान में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB), डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) और आलापल्ली फॉरेस्ट डिवीजन की टीमें शामिल रहीं।
इंटरपोल के ग्लोबल ऑपरेशन से जुड़ी कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई भारत में चलाए जा रहे उस व्यापक प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है, जो इंटरपोल के ‘ऑपरेशन थंडर 2026’ के तहत वन्यजीव और वन अपराधों के खिलाफ चल रहा है।
यह अभियान 14 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।
एजेंसियों का फोकस केवल वन्यजीवों के अवैध सामान की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क, सप्लायर और संगठित सिंडिकेट तक पहुंचने पर भी है। एक्शन बड़ा है, बरामदगी गंभीर है और अब जांच की नजर उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो जंगलों से निकलने वाले इस अवैध कारोबार को संचालित करते हैं।
