सुबह 4 बजे से आंदोलन पर डटे युवा, माइंस की ड्यूटी बसें रुकीं; उत्पादन प्रभावित, प्रबंधन से वार्ता बेनतीजा
बचेली, दंतेवाड़ा। एनएमडीसी में रेगुलर स्टाफ लेवल-01 (L-01) और लेवल-02 (L-02) की भर्ती की मांग को लेकर बचेली में युवा बेरोजगार संघ का आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार सुबह करीब 4 बजे से युवाओं ने बचेली चेकपोस्ट पर धरना शुरू कर मार्ग जाम कर दिया। इसके चलते माइंस कार्यस्थल तक जाने वाली ड्यूटी बसें नहीं पहुंच सकीं, जिससे एनएमडीसी का उत्पादन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
भर्ती की मांग पर अड़े युवा, चेकपोस्ट पर डटे रहे
युवा बेरोजगार संघ के तत्वावधान में आयोजित इस आंदोलन में युवाओं ने L-01 और L-02 की नियमित भर्ती को लेकर अपनी मांग रखी। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे चेकपोस्ट खाली करने को तैयार नहीं हैं।
प्रबंधन और प्रशासन की मौजूदगी में हुई बातचीत
आंदोलन के कारण उत्पादन प्रभावित होने के बाद एनएमडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस और जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मौजूदगी में आंदोलनकारियों के साथ बातचीत शुरू हुई। इस दौरान प्रबंधन की ओर से आंदोलनकारी प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर हैदराबाद स्थित मुख्यालय भेजने और वहां अधिकारियों से चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा गया।
हालांकि, आंदोलनकारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उनका स्पष्ट कहना है कि युवाओं के प्रतिनिधियों को हैदराबाद भेजने के बजाय मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को बचेली बुलाया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही आमने-सामने बातचीत कर समाधान निकाला जा सके।
राजनीतिक समर्थन नहीं दिखा, मंगलवार की बातचीत पर निगाहें
सोमवार को आंदोलन स्थल पर किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन दिखाई नहीं दिया। वहीं, मंगलवार को विधायक चैतराम अटामी की मौजूदगी में सभी पक्षों के बीच बातचीत होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस संभावित बैठक से आंदोलन का समाधान निकलने की उम्मीद है, हालांकि फिलहाल किसी ठोस निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल जारी है आंदोलन, समाधान का इंतजार
L-01 और L-02 की भर्ती का मुद्दा अब बचेली में युवाओं और एनएमडीसी प्रबंधन के बीच बातचीत का प्रमुख विषय बन गया है। एक ओर उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति है, तो दूसरी ओर युवा अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल आंदोलनकारी बिना ठोस नतीजे के चेकपोस्ट खाली करने को तैयार नहीं हैं।
अब सबकी निगाहें मंगलवार को होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं। देखना होगा कि भर्ती की मांग को लेकर जारी इस गतिरोध का कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।
