फर्जी एजेंसी से कारों का झांसा, क्रिप्टो में मोटे मुनाफे का लालच; दो अलग-अलग मामलों में लाखों की ठगी, पुलिस जांच में जुटी
रायपुर। राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं। डीडी नगर थाना क्षेत्र में फर्जी MG मोटर्स एजेंसी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 21 लाख 45 हजार 700 रुपये ठग लिए गए। वहीं आजाद चौक थाना क्षेत्र में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक डॉक्टर से 25 लाख 66 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर करा ली गई।
दोनों मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी MG एजेंसी का झांसा, 21.45 लाख की ठगी
डीडी नगर थाना क्षेत्र में पीड़ित ने फेसबुक पर MG मोटर्स की एजेंसी से संबंधित विज्ञापन देखा था। एजेंसी लेने के लिए आवेदन करने के बाद कथित आरोपियों ने उससे संपर्क किया और खुद को MG मोटर्स का कर्मचारी बताया।
आरोपियों ने पहले एजेंसी पंजीयन के नाम पर 2 लाख 95 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद सुरक्षा राशि के नाम पर 18 लाख 50 हजार रुपये और ले लिए। इस तरह पीड़ित से कुल 21 लाख 45 हजार 700 रुपये की रकम ले ली गई।
आरोपियों ने पीड़ित को 12 MG कारें उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिलाया। बाद में कारों की डिलीवरी के नाम पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त रकम की मांग की गई। लगातार रकम की मांग होने पर पीड़ित को संदेह हुआ और उसे ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद उसने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस बैंक खातों, लेनदेन और आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए संपर्क माध्यमों की जांच कर रही है।
क्रिप्टो निवेश के नाम पर डॉक्टर से 25.66 लाख ऐंठे
दूसरा मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। यहां एक डॉक्टर को फेसबुक के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, एक युवती ने सोशल मीडिया के माध्यम से डॉक्टर से संपर्क किया और उसे क्रिप्टो निवेश में अच्छा लाभ होने की बात बताई। इसके बाद डॉक्टर का एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पंजीयन कराया गया। शुरुआत में निवेश पर मुनाफा दिखाकर उसका भरोसा हासिल किया गया।
इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और UPI के जरिए डॉक्टर से धीरे-धीरे 25 लाख 66 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
रकम लेने के बाद आरोपियों ने वेरिफिकेशन चैनल फीस के नाम पर और पैसे की मांग शुरू कर दी। इसी दौरान डॉक्टर को RBI की गाइडलाइन के नाम पर एक कथित पत्र भी भेजा गया। लगातार रकम की मांग से डॉक्टर को संदेह हुआ और उसे साइबर ठगी का पता चला।
डॉक्टर ने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दी। इसके बाद आजाद चौक थाने में रेशमी गुप्ता और सुरेश चौहान के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।
ऑनलाइन ठगी के दोनों मामलों में डिजिटल नेटवर्क की जांच
रायपुर में सामने आए दोनों मामलों में ठगी का तरीका अलग था, लेकिन आरोपियों ने ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल कर पीड़ितों को अपने जाल में फंसाया। पुलिस अब बैंक खातों, UPI ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
